Corona XE Varient Symptoms: भारत में भी आया Covid का नया वायरल, जाने इसके लक्षण और बचाव का तरीका

Corona XE Varient Symptoms: कोरोना की तीसरी लहर के बाद अब सभी चीजों और सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। हालांकि आब कोरोना के नए वैरियंट के कारण एक बार फिर से सभी लोग डले हुए हैं। महाराष्ट्र और गुजरात में कोरोन वायरस के एक्सई वैरियंट ने लोगों को चिंतित कर दिया है। एक्सई ओमिक्रॉन वैरियंट्स – बीए1 और बीए2 का संयोजन है, जो इसे ओमिक्रॉन से भी ज्यादा संक्रामक बनाता है। हालांकि इसका मतलब यह है कि वैरियंट पिछले ऑमाइक्रोन की तुलना में तेजी से फैलेगा और पहले की तुलना में ज्यादा लोगों को संक्रमित करेगा। ऐसे में जानिए इस वैरियंट के लक्षण।

क्या है XE Variant?

कोरोना का एक्सई वैरियंट पहली बार जनवरी के बीच में इंग्लैंड में पाया गया था और तब से 600 से अधिक मामलों में इसकी पुष्टि हुई है। चीन और थाईलैंड में भी बहुत सीमित मामले सामने आए हैं। एक्सई वैरियंट को 10% ज्यादा ट्रांसमिसिबल के रूप में जाना जाता है।

एक्सई वैरियंट SARS COV 2 वायरस का एक रीकॉम्बिनेंट वैरियंट है। इसका मतलब है कि दो वैरियंट (BA.1 और BA.2) फिर से जुड़ गए हैं और म्यूटेशन इस वैरियंट को उपस्थिति में आने देने के लिए हुआ है। इसे 10% माना जाता है।

ये भी पढ़ें-Rice Water Benefits: चावल के पानी से हो जाएगी मक्खन-सी चिकनी स्किन, जानिए बनाने का तरीका

क्या हैं XE Variant के लक्षण?

एक्सई वैरियंट के लक्षणों को लेकर अभी कोई प्रूफ नहीं है, लेकिन एक्सई वेरिएंट के लक्षण पहले से मौजूद वेरिएंट से अलग हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो एकई वैरियंट के लक्षणों में शामिल है – थकान, सुस्ती, बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, धड़कन और दिल की समस्याएं।

क्या XE Variant से आएगी चौथी लहर?

लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या एक्सई वैरियंट के कारण कोरोना की चौथी लहर आ सकती है या नहीं? इस बात का जवाब देते हुए वेंकटगोपालन ने कहा है कि, अलग वैरियंट एक लहर पैदा करेगा, हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते।इस महामारी के जीवनकाल के दौरान, कई रूपों की पहचान की गई है, जिनमें से अधिकांश जल्दी से खत्म हो गए हैं। 2022 से यूके में वैरिएंट चल रहा है, लेकिन कम गंभीर मामले सामने आए हैं। इसका मतलब यह है कि चिंता कम है और इसके अलावा, जो लोग पिछले ओमिक्रॉन वैरियंट से संक्रमित थे, उनके पास दोबारा संक्रमण के गंभीर मामले का विरोध करने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी हैं। इसलिए, एक और लहर की संभावना कम है।

Source: LiveHindustan

Leave a Comment