पेट की चर्बी बढ़ने का मुख्य कारण, जानिए क्या है वजह

नई दिल्ली: पेट की चर्बी का बढ़ना जिसे ‘बेली फैट’ के नाम से जाना जाता है। यह न सिर्फ आपकी शारीरिक बनावट को खराब कर देता है। साथ ही सेहत के लिहाज से भी इसे काफी गंभीर माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि बेली फैट की समस्या से परेशान लोगों में टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और कई अन्य शारीरिक समस्याओं का जोखिम अधिक होता है। यह मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर देता है, जिसके कारण आपमें स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है। सामान्यतौर पर खराब जीवनशैली विशेषकर लंबे समय तक बैठे रहने और आहार की गड़बड़ी को पेट की चर्बी बढ़ने का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। हाल ही में शोधकर्ताओं ने इसके एक सबसे प्रमुख कारण का पता लगा लिया है।

‘जर्नल द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी’ में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि नींद की कमी के कारण लोगों में बेली फैट की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इसके अलावा आहार में कैलोरी की मात्रा बढ़ने और फैट वाली चीजों का अधिक सेवन भी इस समस्या का एक कारण हो सकता है। अगर रात की नींद सुधार ली जाए तो इस बढ़ती समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

नींद की कमी के कारण बेली फैट की समस्या

मायो क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने पाया कि पिछले एक दशक में पेट की चर्बी और नींद की समस्या, दोनों के बढ़ने के मामले रिपोर्ट किए गए हैं, दोनों ही स्थितियां एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं।

कार्डियोवैस्कुलर मेडिसिन शोधकर्ता नैमा कोवासिन के नेतृत्व में किए गए शोध से पता चलता है कि नींद की कमी के कारण पेट की चर्बी बढ़ने का खतरा 9 प्रतिशत बढ़ जाता है, वहीं यह समस्या आंत में भी चर्बी बढ़ा सकती है। नींद पूरी करने पर ध्यान देकर आप शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को बेहतर बनाए रख सकते हैं।

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अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन में 12 स्वस्थ लोग शामिल थे, जिनमें मोटापे की समस्या नहीं थी। प्रतिभागियों के खाने पर कोई रोक नहीं थी, साथ ही उनकी नींद के समय पर ध्यान दिया गया। अध्ययन के दौरान नींद के प्रतिबंध के समय प्रतिभागियों ने प्रतिदिन 300 से अधिक अतिरिक्त कैलोरी का सेवन किया। शोध के अंत में पाया गया कि कैलोरी का बढ़ना पेट की चर्बी बढ़ने का कारण तो है ही पर जिन लोगों ने अच्छी नींद पूरी की, उनमें दूसरे लोगों की तुलना में बेली फैट का खतरा कम पाया गया।

वैज्ञानिक कहते हैं?

शोधकर्ता नैमा कोवासिन कहते हैं, अगर आपके वजन में काफी मामूली बढ़ोतरी भी है, फिर भी यह आंत में वसा के संचय का कारण बन सकती है। हालांकि केवल सीटी स्कैन द्वारा ही इसका पता लगाया जा सकता है, वरना इसका निदान मुश्किल होता है।

नींद की कमी की समस्या को आमतौर पर हम हल्के में लेते हैं, वहीं फैट कम करने के लिए लाखों कोशिश करते रहते हैं। पर ध्यान रखने वाली बात यह है कि अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है तो अन्य किए जाने वाले सभी उपाय अधिक कारगर साबित नहीं हो सकते।

अध्ययन का निष्कर्ष

अध्ययन के प्रमुख अन्वेषक और कार्डियोवास्कुलर मेडिसिन के प्रोफेसर वीरेंड सोमर्स कहते हैं, इस अध्ययन से स्पष्ट पता चलता है कि भले ही आप दुबले, स्वस्थ या कम उम्र वाले हैं, फिर भी नींद की कमी आपके पेट में वसा के संचय और उन्नत स्थितियों में पेट की चर्बी बढ़ने का कारण बन सकती है। वजन कम करने के प्रयास में लगे लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि बिना नींद पूरी किए आपके सारे अतिरिक्त उपाय बेकार हो सकते हैं। नींद की कमी शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। सभी लोगों को रोजाना रात में कम से कम 6-8 घंटे की निर्बाध नींद जरूर पूरी करनी चाहिए।

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