Tuesday, June 28, 2022
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करे Yoga रहे स्वस्थ्य – Yoga से होगा रोगों का नीदान

Yoga एक अध्यात्मिक प्रक्रिया है। इसका मतलब है जीने की कला The art of living. जिसमें हम तन, मन और आत्मा को एक साथ लाते हैं। योग वर्तमान की जरूरत और सबसे जरूरी विरासत है। योग को अगर आज की जरूरत कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यह सही तरीके से जिंदगी जीने की कला है। इसीलिए इसे दैनिक जीवन में शामिल करना जरूरी है।

योग बाहरी शरीर(physical body) के साथ-साथ आंतरिक शरीर(internal body) के लिए भी फायदेमंद है। आज की इस व्यस्त जिंदगी में लोगों का तनाव और थकान दूर करने के लिए योग जरूरी हो गया है। वर्तमान में लोगों ने योग की इसी जरूरत को जाना और अपनी जिंदगी में अपनाया। योग को The art of living भी कहा जाता हैं।

Yoga

योग के इन्हीं फायदों के लिए हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस(world yoga day) मनाया जाता है। ताकि हमारी आने वाली इसके फायदों को समझे।

हर रोज हजारों लोग योग से जुड़ने और इससे सीखने के लिए सर्च करते हैं- types of yoga in Hindi। तो चलिए इसके जरिए हम आपको बताते हैं कि योग कितने प्रकार(how many types of yoga) के होते हैं।

Yoga के प्रकार- type of Yoga  :-

योग शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ाने में मदद करता है। योग की कई शैलियाँ (Yoga Poses in Hindi) हैं। योग के विभिन्न प्रकार और शैलियों (Yoga Poses in Hindi) हैं जो इस तरह है।

1) अष्टांग योग (Ashtanga Yoga)

Yoga

योग के इस प्रकार में योग की प्राचीन शिक्षाओं का उपयोग किया जाता है। यह शैली 1970 के दशक के दौरान सर्वाधिक लोकप्रिय हुई। अष्टांग योग (Ashtanga Yoga) मुख्य रूप से छः मुद्राओं का समन्वय है जो तेजी से सांस लेने की प्रक्रिया है।

2) हठ योग hatha yoga

Yoga

यह योग आपको शारीरिक मुद्राएं सिखाता है। “हठ योग” आपको मूल योगों के आसान रूप की परिभाषा का काम करती हैं। षट्कर्म(shathkarma), आसन, मुद्रा(body posture), प्राणायम(pranayam), प्रत्याहार(Pratyahar), ध्यान(meditation) और समाधि(samadhi) यह हठयोग के सात अंग है।

3) राज योग(Yoga)

Yoga

पतंजलि के राज योग के आठ अंग है। यम, नियम, आसन, प्रत्याहार, प्राणायाम, ध्यान, धारणा, समाधि। इस योग को अष्टांग योग भी कहते हैं।

4) ज्ञान योग(Yoga)

Yoga

इस योग में ज्ञान प्राप्त करने की विधि बताई गई है। इस योग को ध्यान योग भी कहते हैं। इसके अलावा इसे बाह्य योग और सांख्य योग भी कहते हैं।

5) कर्म योग

Yoga

अपना कर्म करना ही योग है। कर्म योग लोगों में कर्म करने की इच्छा जगाता है। इसे सहज योग भी कहते हैं।

6) भक्ति योग

Yoga

सुनना, कीर्तन करना, स्मरण करना, अर्चन करना, वंदन करना और आत्मा निवेदन ही भक्ति योग कहलाता है।

7) तंत्र योग

Yoga

इस योग में इंद्रियों पर संयम रखा जाता है। इसे कुंडलिनी योग भी कहा जाता है।

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Benefits of Yoga in Hindi :-

सेहतमंद जीवन के लिए योग जरूरी माना जाता है। इसीलिए तो हमें योग करने के लिए कहा जाता है। योग के इतने फायदे हैं कि अगर इस जीवन में अपना लिया जाए तो शारीरिक स्वास्थ्य से तो सही रहेगा ही साथ ही मानसिक स्वास्थ्य भी सही होगा। तो चलिए जानते हैं कि योग के क्या-क्या फायदे हैं।

योग से होगा मन शांत –

Yoga

योग से बीमारियां तो दूर होती ही है साथ ही हमारी मांसपेशियों का भी विकास होता है। वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया है कि योग शारीरिक(physically) और मानसिक(mentally) रूप से लोगों के लिए वरदान है। योग से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है। इससे भूख लगती है और हमारी पाचन क्रिया बेहतर होती है।

वज़न घटाता है योग –

Yoga

आज के समय में वजन बढ़ना हर किसी के लिए एक बड़ी प्रॉब्लम बन चुका है। हमारे खराब खानपान की वजह से शरीर का वजन बढ़ जाता है। योग मांस पेशियों(muscles) को पुष्ट करता है और शरीर को तंदुरुस्त बनाता है। जिससे फैट कम होता है और शरीर healthy रहता है।

योग blood और sugar level को  कंट्रोल भी करता है –

हमारे पास ऐसे बहुत से योगासन है जो हमारे blood और sugar level को कंट्रोल करते हैं। डायबिटीज(diabetic patient) रोगियों के लिए योग फायदेमंद है। योग bad cholesterol को भी कम करता है।

योग से कम होगा coronavirus –

आज जिस तरह भारत के साथ पूरी दुनिया योग को अपना रही है, वह भारत के लिए एक बड़ी बात है। प्राचीन काल से लेकर आज तक योग ने कई बीमारियों का इलाज किया है। पूरे विश्व में फैले कोरोनावायरस(coronavirus) से लड़ने में योग मदद करता हैं। योग से किसी भी वायरस के संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है। योग के बहुत से ऐसे प्रकार हैं जो शरीर में इम्यूनिटी(immunity) बढ़ाते हैं।
तो चलिए बताते हैं आपको कि ऐसे कौन से योग(yoga) हैं जो शरीर में इम्यूनिटी(immunity) बढ़ाते हैं और रोगों को दूर रखते हैं।

अनुलोम-विलोम –

Yoga

अनुलोम विलोम आपको सामान्य रूप से होने वाली सर्दी खांसी और जुखाम से भी बचाता है। अनुलोम विलोम प्राणायाम की वह प्रक्रिया है जो हमारी श्वसन क्रिया(respiration) को बेहतर बनाती है। अनुलोम विलोम करने का तरीका-
आराम से एक जगह पर बैठ जाएं
आंखों को बंद करें और योग शुरू करें
दाय नाक से सांस लें, बाय नाक को बंद कर ले
बायीं नाक से श्वास छोड़ें, दाहिनी नाक बंद रखें
बाय नाक से सांस लें, दाए नाक से वापस निकाल ले

कपालभाति –

Yoga

किसी भी शांत जगह पर बैठ जाए
आंखों को बंद करें, पीठ सीधी रखें
दोनों नाक से गहरी-गहरी सांस लें
पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए सांस छोड़े
सामान्य, मध्यम और तीव्र गति से कर सकते हैं

सूर्य नमस्कार –

Yoga

सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है। शरीर में रक्त का संचरण होता है और इसे करने वालों का कार्डियोवेस्कुलर स्वास्थ्य(cardiovascular health) अच्छा रहता है। आपको सूर्य नमस्कार करना ही चाहिए।

प्राणायाम –

Yoga

एक शांत जगह पर बैठ जाए
आंखों को बंद करें और अपनी पीठ सीधी रखें।
धीरे-धीरे गहरी सांस लें, धीरे-धीरे सांस छोड़ें
सांस लेते वक्त सकारात्मक ऊर्जा पर ध्यान दें।
सांस छोड़ते समय बीमारी को दूर करने की सोचें।

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Yoga शरीर की कई बीमारियों को रखे दूर  :-

योग हमारे शरीर के लिए तो जरूरी है ही। साथ ही यह हमारे शरीर की कई बीमारियों को भी दूर करता है। All India institute of medical science के डॉक्टरों का कहना है कि योग के जरिए कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है।

हाइपरटेंशन (High blood pressure) –

Yoga

High blood pressure कई रोगों की जड़ है योग और मेडिटेशन की मदद से हाइपरटेंशन को दूर किया जा सकता है।

माइग्रेन(migraine) –

Yoga

माइग्रेन(migraine) ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग तक ब्लड सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता और ब्लड सरकुलेशन(blood circulation) नहीं होता योग की मदद से दिमाग में आसानी से ब्लड पहुंच जाता है माइंड में प्रेशर बनता है माइग्रेन में हेड स्टैंड(headstand) करने से लाभ मिलता है।

डिप्रेशन (Depression) –

Yoga

आज की अपनी इस बिजी लाइफ में हम चिंताओं का पहाड़ अपने सर पर लेकर घूमते हैं जिससे डिप्रेशन बढ़ता है। योग की मदद से डिप्रेशन दूर होता है। योग से Feel pressure factor आता है। अगर आप वाकई डिप्रेशन को दूर करना चाहते हैं तो योग बेहतरीन साधन है। depression मैं उत्तनासन योग फायदेमंद है।

योग के फायदों के बारे में तो हम सब जान चुके हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अगर इसे सही तरीके से ना किया जाए तो इसके बहुत सारे नुकसान भी हैं। जिससे हमारे शरीर को तकलीफ हो सकती है। यदि हम बिना जानकारी के योग करें तो उसके कई साइड इफेक्ट(side effect) होते हैं।

प्राणायाम से लेकर जितने भी लोग हैं वह जितने आसान हैं उतने ही खतरनाक भी है। इसीलिए लोगों को सही body posture के साथ करना चाहिए।
योग का सही तरीका और Timing जरूरी है।

हमें प्राणायाम सूर्य उदय से पहले और सूर्यास्त के बाद ही करना चाहिए। सुबह के समय हवा में ऑक्सीजन(oxygen) अधिक होती है। अगर आप योग करते हैं तो इसकी टाइमिंग का खास ख्याल रखना चाहिए। सुबह शौच जाने के कम से कम 20- 25 मिनट बाद ही योग करना चाहिए। इसके अलावा योग करने के तुरंत बाद कुछ नहीं खाना चाहिए।

बीमार लोगों को योग करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। योग को सही body posture के साथ करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर(high blood pressure), लो ब्लड प्रेशर(low blood pressure) शुगर(sugar) और हार्ड पेशेंट(heart patient) को डॉक्टर की सलाह से ही हो करना चाहिए।

:- गुंजन जोशी

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