Wednesday, June 29, 2022
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भारत में इंटरनेट और शिक्षा से अछूती महिलाएं

इंटरनेट आज के समय में मानव की एक अहम जरूरत बन चुका है। विश्व में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने इंटरनेट के बारे में ना सुना हो और ना इसे कभी इस्तेमाल किया हो। इंटरनेट की खोज विश्व की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्गों तक इंटरनेट का बोलबाला है परंतु यदि हम भारत में महिलाओं और इंटरनेट की बात करें तो यह आंकड़ा विश्व की तुलना में डरा देने वाला है।

भारत में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है कि यहां 12 राज्यों की केवल 40 फीसद महिलाएं ही इंटरनेट का उपयोग करती है और 60 फीसद महिलाएं इंटरनेट से अछूती है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2020 में आई यह रिपोर्ट भारत में महिलाओं की स्थिति, साक्षरता और तकनीक के प्रति उनकी रुचि को साफ व्यक्त करती है। इस रिपोर्ट में महिलाओं की साक्षरता से महिलाओं के इंटरनेट के प्रयोग को जोड़ा गया है।

महिलाओं के पास मोबाइल नहीं है

21वीं सदी के भारत में आज भी महिलाओं की स्थिति ज्यादा सुधरती नजर नहीं आ रही है। आज भी बहुत से ऐसे राज्य हैं, शहर हैं, कस्बे हैं जहां महिलाएं अशिक्षित हैं। महिलाओं को अशिक्षित होना ही तकनीक से उनका दूर होने का एक मुख्य कारण है महिलाओं को अशिक्षित होना ही तकनीक से उनका दूर होने का एक मुख्य कारण है।

भारत में 40% से कम महिलाएं हैं जिन्होंने इंटरनेट का उपयोग किया है जिनमें आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मेघालय जैसे राज्य शामिल है। वही आंध्र प्रदेश और बिहार इस मामले में अभी बहुत पीछे हैं। महिलाओं की अपेक्षा यदि भारत में पुरुषों की बात की जाए तो यहां 50% पुरुषों ने इंटरनेट का इस्तेमाल किया है जिसमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, मेघालय और बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं।

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

आंध्र प्रदेश बिहार और तेलंगाना में महिलाओं की साक्षरता दर सबसे कम होने की वजह से यहां की महिलाएं इंटरनेट का उपयोग ना के बराबर करती हैमहिलाओं को अशिक्षित होना ही तकनीक से उनका दूर होने का एक मुख्य कारण है।

 

भारत सरकार के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे नारे लगाए जाते हैं लड़कियों को पढ़ाने के लिए सुविधाएं दी जाती है परन्तु फिर भी हमारे देश में लोगों की सोच में कोई बदलाव दिखाई नहीं देता। आज भी पुरुषों की बजाय महिलाओं को दबाया जाता है और उन्हें स्कूलों और बदलती नई तकनीकों से दूर रखा जाता है जो हमारे भारत के लिए बेहद ही शर्म की बात है।

इंटरनेट

आज जहां महिलाएं तकनीक का प्रयोग कर हर क्षेत्र में उन्नति कर रही है वही भारत में बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां महिलाएं और शिक्षित हैं और इंटरनेट जैसे बेहतरीन साधन का उपयोग करने में और असक्षम है। अन्य देशों के मुकाबले हमारे देश में साक्षरता दर का अनुमान बेहद ही छोटे स्तर पर लगाया जाता है पर फिर भी 60% महिलाएं इस दर से अछूती है।

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जिस व्यक्ति ने नौवीं कक्षा या इससे अधिक पढ़ाई की हो और जो पूरा वाक्य या वाक्य का एक हिस्सा पढ़ सके उसे साक्षर माना जाता है छोटे साक्षरता पैमाने पर भी भारत की महिलाएं उभरती दिखाई नहीं दे रही है।

:- गुंजन जोशी
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