Saturday, July 2, 2022
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Vastu Tips: भूलकर भी इन दिशाओं में ना रखें दवाइयां, वरना हमेशा पड़े रहोगे बीमार

नई दिल्ली: बदलती हुई और खराब लाइफस्टाइल की वजह से निरोगी काया अब कई रोगों का शिकार करने लग गई है। पहले के जमाने में जहां पर लोग स्वस्थ रहा करते थे। वहीं पर अब सेहतमंद लोगों की संख्या कम होने लग गए हैं। गलत खान-पान और फैमिली हिस्ट्री की वजह से उम्र से पहले ही कई तरह की बीमारियां व्यक्ति को पकड़ने लग जाती है।

लेकिन कई तरह के इलाज या फिर तरीकों को अपनाकर भी आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं होता है। आप पर दवा का भी कोई असर नहीं हो पा रहा है तो इसका कारण वास्तु दोष है।

वास्तु शास्त्र में ऐसी कई गलतियों का वर्णन किया गया है जिससे कि वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इसीलिए व्यक्ति को धन से लेकर अन्य तरह की समस्याएं भी आने लगती हैं। इनमें से एक होती है बीमार रहना या फिर दबाव पर ज्यादा खर्च होना।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक अगर कोई गलत दिशा में दवाइयां रख देता है तो वह कभी बीमारियों से छुटकारा प्राप्त नहीं कर सकता है। तो चलिए जानते हैं उन दिशाओं के बारे में जहां गलती से भी दवाई ना रखें।

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भूलकर भी इस दिशा में ना रखें दवाइयां

घर के दक्षिण पूर्व दिशा में भूलकर भी दवाइयां ना रखें। वास्तु शास्त्र मुताबिक ऐसा करने पर दवाओं का सिलसिला यूं ही चलता रहता है। इसी के साथ साथ व्यक्ति लंबे समय तक बीमार भी बना रहता है। घर में कोई ना कोई सदस्य बीमारी या फिर आर्थिक शारीरिक समस्याओं से जूझता रहता है।

वास्तु शास्त्र की मानें तो उत्तर और पश्चिम दिशा में दबाव का रखना गलत बताया गया है। ऐसा करने पर व्यक्ति गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है। साथ ही साथ उसे कई तरह की समस्याओं से भी जूझना पड़ता है।

बेड के पास में सिरहाने पर कभी भी दवाई ना रखें। ऐसा करने पर राहु केतु दोष उत्पन्न होने लग जाता है। जिससे कि व्यक्ति को बीमारियों के साथ-साथ अन्य समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है।

दवाओं के रखने के लिए कभी भी कोई एक जगह नहीं बनानी चाहिए। ऐसा करने पर कोई ना कोई समस्या आपको घेर लेगी। वास्तु शास्त्र की मानें तो फर्स्ट एड बॉक्स को घर में रखना भी गलत होता है। ऐसा करने पर बीमारियों से कभी भी छुटकारा प्राप्त नहीं होता है।

 

Kanchan Goyalhttps://factspigeon.com
कंचन गोयल अभी माखनलाल पत्रिकारिता विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी कर रही हैं। इसके अलावा इन्हे निष्पक्ष होकर पत्रिकारिता करना पसंद है। सच्चाई और तथ्यों के आधार पर स्टोरी करने को महत्व देती हैं। इनका मानना है कि पढ़ाई, लिखाई करने से रचनात्मक सोच में उत्पत्ति है।
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