Accident होने पर रखें इन बातो का ध्यान, वरना आप फँस भी सकते हैं

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Accident:  अब लगभग सभी के ऑफिस खुल चुके हैं. इसी के साथ बड़ी संख्या में लोग ट्रैवल करने लगे हैं. ऐसे में रोड Accident के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं. एक्सीडेंट की स्थिति में कोई भी घबरा सकता है. क्योंकि भले ही आप बेकसूर हों, लेकिन कई बार हड़बड़ाहट में गलती भी कर सकते हैं.

मान लीजिए, अगर कभी ऐसी परिस्थिति आ जाती है, जब आप किसी एक्सीडेंट में शामिल हों गए हो, भले ही आप पूरी तरह से दोषी नहीं हैं, लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर आप नीचे बताई गई गलती करेंगे तो यह आपको बहुत भारी पड़ सकती है.

Accident Precautions –

1. दुर्घटना स्थल से भागना

नियम के मुताबिक, जो कोई कार दुर्घटना में शामिल होता है उसे तुरंत अपने वाहन को रोक लेना चाहिए. भले ही एक्सीडेंट में चोट, मृत्यु या अन्य नुकसान ना हुआ हो. अगर आप दुर्घटना स्थल को छोड़ देते हैं, तो आप पर बहुत भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसलिए जब आप किसी दुर्घटना में शामिल हों, तो दुर्घटनास्थल पर ही रहें. अगर हो सके तो घायलों की मदद करने की कोशिश करें.

2. पुलिस को फोन करना बिलकुल न भूलें

कई लोग मानते हैं कि पुलिस को सिर्फ तब ही सूचना दी जाती है, जब कोई मौत हो गई हो.लेकिन ऐसा नहीं है. नुकसान भले ही छोटा हुआ हो, लेकिन पुलिस को एक्सीडेंट की जानकारी देना बेहद जरूरी है. कार बीमा क्लेम करने के लिए आपसे FIR भी मांगी जा सकती है. FIR में घटना की जानकारी, कॉन्टैक्ट डिटेल्स, गवाहों के नाम और दुर्घटना का विवरण शामिल होता है.

3. मौके पर लड़ाई करना

एक्सीडेंट में कार का क्षतिग्रस्त होना भी निराशाजनक हो सकता है, लेकिन इसके बदले में आपको लड़ाई बिलकुल नहीं करनी है. याद रखें कि इस समय आप अपना आपा न खोएं, नहीं तो गलती न होने पर आप ही दोषी कहलाएंगे. स्तिथि को शांत दिमाग से हैंडल करने की कोशिश करें.

4. डिटेल्स लिखना न भूलें

घटनास्थल से निकलने से पहले, आपको अधिक से अधिक जानकारी को नोट करना चाहिए. यदि हो सके तो एक्सीडेंट वाली जगह की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लें. इसके अलावा एक्सीडेंट में शामिल बाकी लोगों के नाम और कॉन्टैक्ट भी लिख लें. घटना का समय और तारीख भी नोट कर लें. इससे आपको बाद में जानकारी याद करने में दिक्कत नहीं होगी।

5. माफी मांगना या फिर गलती स्वीकार करना

Accident में अगर आपकी गलती नहीं है, तो लिखित में माफी न मांगें. बीमा कंपनी के साथ बातचीत करते समय आपको गलती नहीं माननी चाहिए. एक्सीडेंट के बारे में ईमानदार होना और वास्तविक घटनाओं को बताना सबसे ज्यादा अच्छा है. अगर आप थर्ड पार्टी से भी माफी मांगते हैं, तो बीमा कंपनी पेमेंट से बचने के लिए आपके खिलाफ आपके बयान का उपयोग भी कर सकती है. इसलिए बिलकुल सावधान रहें।

 

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